गुरुवार, 22 फ़रवरी 2024

ब्रह्मन्(ब्रह्मा) शब्द में अण् सन्तान वाचक तद्धित प्रत्यय करने पर ब्राह्मण शब्द बनता है। जिसका अर्थ ब्रह्मा की सन्तान।


  
विष्णोरऽस्य तस्येदं वा अण् तद्धित प्रत्यय ।
जैसे ब्रह्मन्(ब्रह्मा) शब्द में अण् सन्तान वाचक तद्धित प्रत्यय करने पर ब्राह्मण शब्द बनता है। जिसका अर्थ ब्रह्मा की सन्तान।
ब्रह्मन् (ब्रह्मा) + अण् = ब्राह्मण ।
ठीक उसी प्रकार विष्णु शब्द में अण्- तद्धित  सन्तान वाचक प्रत्यय करने पर वैष्णव शब्द बनता हैं। जिसका अर्थ होता है विष्णु की सन्तान
विष्णु+अण्= वैष्णव ।
इसी प्रकार ब्राह्मण शब्द बना-
ब्रह्मणो जाताविति ब्राह्मण= पाणिनीय अष्टाध्यायी न टिलोपः ब्रह्मणो मुखजातत्वात् ब्रह्मणोऽपत्यम् वा अण् । 
अर्थ:- ब्रह्मा से उत्पन्न होने से ब्राह्मण कहलाए  - ब्रह्मन्- पुल्लिंग शब्द में सन्तान वाची 'अण्' तद्धित प्रत्यय  करने पर ब्राह्मण शब्द बनता है।
ब्रह्मन्+ अण् = ब्राह्मण ।
ब्राह्मो जातौ । योगविभागोऽत्र कर्तव्यः । '
सन्दर्भ- ६-४-१७१) पाणिनीय -अष्टाध्यायी

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