सोमवार, 5 जनवरी 2026

जादौनों की उत्पत्ति-

#जादौनों_की_पोलखोल।

#करौली_के_यादव
करौली राजसथान का ऐतिहासिक नगर है। यह करौली जिला का मुख्यालय है। इसकी स्‍थापना 955 ई. के आसपास राजा #विजय_पाल ने की थी जिनके बारे में कहा जाता है कि वे भगवान कृष्ण के वंशज थे। 1818 में करौली राजपूताना एजेंसी का हिस्सा बना करौली के यादव अपने नाम के अंत मे पाल उपाधि का उपयोग करते थे  संभवत इनका खून का रिश्ता था बंगाल के पाल अहिर के साथ  अहीर एक पशुपालक योद्धा जाती रही है आर्यो का मुख्य पेसा भी पशुपालन ही था करौली के राज घराने को जादोन भी कहा जाता था भारत मे 7 और 8 वी सदी में राजपूत जाती का उदय हुआ जो भिंन भिंन जाती समुदाय से थे उस दौर के हर रजा अपने को राजपुत कहने पर फक्र महसूस करते थे जैसे पहले क्षत्रिय जादो भी इस सब्द से अछूते नही रहे और खुद को यदुवंशी राजपूत कहने लगे पर इनका मूल निकाश अहीर से ही था उस दौर में बहुत से अहीर राजा राजपूत संघ में शामिल हुए और खुद को राजपूत कहा रुद्रमूर्ति नामक अहीर अहिरवाड़ा का सेनापति था जो कालांतर मे राजा बना। 

माधुरीपुत्र, ईश्वरसेन व शिवदत्त इस वंश के मशहूर राजा हुये, जो बाद मे यादव राजपूत कहलाए।

करौली के जादोन शुद्ध रुप से #अहीर_यदुवंश से थे हम यह बात करौली के जादोन की कर रहे बाकी छेत्र की नही क्यों कि बाकी मूल रूप से किरार है जिनका यदुवंश से कोई लेना देना नही अभी मध्यप्रदेश में एक मंत्री साहब याद होंगे लखन सिंघ यादव जो थे तो किरार पर खुद को यादव लिखते है करौली के जादो ही मूल रूप से यदुवंशी है जिनका रेवाड़ी के अहीर यदुवंश से भी खून का नाता रहा है पर आजकल फेसबुक पर कुछ सवघोसीत  वेदव्यासः अहीर यदुवंशी को बदनाम करने के लिए तरह तरह प्रपंच रचते है कि करौली के यादव मुल रुप से राजपूत है राजपूत आज जरूर एक जाति के रुप में है पर पहले एक योद्धा समुदाय ही था राजा का पुत्र राजपूत और राजा तो कई समुदाय से रहे है।

करौली के यादव अहीर यदुवंशी थे बाद में राजपूत में समिलित हुए कैसे कुछ सरकारी गैजेटीयर के माध्यम से समझते है।

अलवर गजेटियर में #करौली_राजवंश को अहीर राजवंश ही कहा गया है।

 👇👇👇👇👇👇
https://books.google.co.in/books?id=lHEbAAAAIAAJ&q=jadon+ahir&dq=jadon+ahir&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwizztv36YHhAhX88HMBHa9aBTY4ChDoATAGegQIARAh

अलवर के ही अन्य गजेटियर हो जो 1878 में सोध करके तैयार किया गया है उसमें भी करौली वाले को अहीर ही कहा गया है।

https://books.google.co.in/books?id=moAwAQAAMAAJ&pg=PA43&dq=jadon+ahir&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwj3pJ_W6IHhAhWFfisKHdYCA-0Q6AEIMTAC#v=onepage&q=jadon%20ahir&f=false

इतिहास के जानकर ब्रिटीश इतहासकार Joseph Davey Cunningham ने भी अपनि मशहूर बुक 
History of the Sikhs (1849)  की बुक में करौली को अहीर यदुवंशी से ही जोड़ा है।

https://books.google.co.in/books?id=FdPFkAsDJVgC&pg=PA7&dq=+of+khushab&hl=en&ei=SkeITem4Nsm3rAe5_oDSDg&sa=X&oi=book_result&ct=result&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false

इश्मे हो भी सोध गजेटियर या बुक का दिया गया है काफी पुराना है औऱ बिस्वसनिय है।

---------------------------

#राजपुताना_गज़ेटियर का प्रमाण।

https://books.google.co.in/books?id=amQoAAAAYAAJ&pg=PA206&dq=jadon+ahir&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwj3pJ_W6IHhAhWFfisKHdYCA-0Q6AEIKzAB#v=onepage&q=jadon%20ahir&f=false


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें