गायत्री, दुर्गा और राधा तीनों आद्या प्रकृति स्वरूपा व परम वैष्णवी शक्तियाँ हैं। जो संसार में गोप जाति में अवतरण कर संसार में क्रमश: ज्ञान बल और भक्ति का प्रसारण करती हैं। ये तीनों ही सांसारिक जनन- प्रजनन आदि क्रियायों से परे हैं ये किसी सांसारिक गर्भ का आधान नहीं करती हैं ये स्वयंप्रभा हैं।
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