यादव योगेश कुमार रोहि जी द्वारा रचित इस भक्तिमय गीत के लिए मुखड़ा और अंतरा के उचित तारतम्य (flow) के साथ एक नया और बेहतर संगीत तैयार कर दूँगा।
तब तक, आप इस सुंदर गीत की स्क्रिप्ट का आनंद लें:
सिनैमाटिक आबाज में -
(गीतकार: यादव योगेश कुमार रोहि) यह गीत यादव योगेश कुमार रोहि के भक्ति भावों कि अनुभूति जन्य अभिव्यंजना है।
[मुखड़ा]
आलाप- ओ३म् हरि बोल...
ओ३म् हरि बोल, ओ३म् हरि बोल, हरि बोल !!!
मेरे कान्हा, तेरी महिमा, अपरम्पार है! तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है।
[अंतरा 1]
तेरी बातें, सौगातें, जीवन का ही सार है तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है !
हरी बोल!
[अंतरा 2]
मेरे प्रभु, तेरा वजूद, मन में जो भी संजोता ! मेरे प्रभु, तेरा वजूद, मन में जो भी संजोता !
मोह ना कल, जीवन सफल, मायूस कभी नहीं होता।
तेरा स़मा, कभी ना थमा, रौनक भी बेशुमार है तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है
तू मेरा सरकार है, तू मेरा सरकार है।
[अंतरा 3]
ज्ञानामृत का लेकर जल, मन का दर्पण धो ले! ज्ञानामृत का लेकर जल, मन का दर्पण धो ले!
ज़हालत है, ये बुरी लत है, मत गर्दिश में डोले
ये बीते पल, मन तू संभल, कान्हा से ही पुकार है वो मेरा सरकार है, वो मेरा सरकार है।
वो मेरा सरकार है, वो मेरा सरकार है।
आलाप....
[अंतरा 4]
कर के जतन,जीत के मन, ज्ञान के पट तो खोलो !कर के जतन,जीत के मन, ज्ञान के पट तो खोलो !
मंदिर मस्जिद, ना तीरथ, प्रभु को दिल में टटोलो!मालुम नहीं, वो गुम कहीं, थक जाना, ना ही हार है।
ओ मेरा सरकार है, ओ मेरा सरकार हैवो मेरा सरकार है,वो मेरा सरकार है
[आउट्रो]
जब मेरा सरकार है, जब मेरा सरकार है
तेरी बातें, सौगातें, जीवन का ही सार है
ओ मेरा सरकार है, ओ मेरा सरकार है...
(ओ मेरा सरकार है...)
आलाप ..... के साथ गीत की समाप्ति.
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