[स्थाई]
गहरी नदीयाँ ये नाव पुरानी, भँवरों में ये अथाह पानी। तूफानों का वेग प्रबल है लहरों की है तेज रबानी। सुनलो इस जीवन की कहानी
[अंतरा 1]
उठ रही काली घटाऐं, तेज चलती ये हवाऐं।
हर तरफ है अब अंधेरा, हम जाएं तो किधर जाऐं।
खेवटिया है नादानी, और कभी मंजिल नहीं जानी।
गहरी नदीयाँ नाव पुरानी, भँवरों में ये अथाह पानी। तूफानों का वेग प्रबल है लहरों की है तेज रबानी। सुनलो इस जीवन की कहानी।
[अंतरा 2]
संसार की नदिया अजब, इच्छा लहरों का काफ़िला है। बुलबुलों सी जिन्दगी ये, पानी में पानी मिला है।
मोह के भँबर लोभ के गोते मृत्यु पथ की निशानी
गहरी नदीयाँ नाव पुरानी, भँवरों में ये अथाह पानी। तूफानों का वेग प्रबल है लहरों की है तेज रबानी। सुनलो इस जीवन की कहानी
[अंतरा 3]
दु:ख सुख यहाँ जीवन के किनारे , नाव पड़ी मेरी है मझधारे । भक्ति के लेकर पतवारे! ये भक्त प्रभु तुझको ही पुकारे ! खबर लेलो वंशी वारे।।
थक जाएं हम कभी न हारें। सदियों से तेरी बाट निहारें। खिंजा फिजा सब आनी जानी।
गहरी नदीयाँ ये नाव पुरानी, भँवरों में ये अथाह पानी। तूफानों का वेग प्रबल है लहरों की है तेज रबानी। सुनलो इस जीवन की कहानी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें