ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना
ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना
ये घाट ये बाट, दुनियाँ का हाट ! यहाँ सब सबकुछ बिक जाना ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना
बचपन के तेरे मीत, तेरे संगी साथी सहारे छूट गये धीरे धीरे चलते रहे हम हारे हारे
बचपन के तेरे मीत, तेरे संगी साथी सहारे ढूँढेंगे तुझे गली-गली, पुकारे ग़म के मारे
पूछेगी हर निगाह, कल तेरा आसियाना । ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना
दे दे के ये आवाज़ कोई हर घड़ी बुलाए
दे दे के ये आवाज़ कोई हर घड़ी बुलाए
फिर जाए जो उस पार कभी लौट के न आए
है भेद ये कैसा कोई कुछ तो समझाना ।
ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना
ये घाट तू ये बाट कहीं भूल न जाना
ओ जाने वाले, हो सके तो लौट के आना