मेरा कान्हा तेरी महिमा अपरम्पार है.. तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है।तू मेरा सरकार.. है।
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तेरी बाते सौगाते जीवन का एक सार है तू मेर सरकार है तू मेरा सरकार है।तू मेर सरकार है तू मेरा सरकार है।तू मेर सरकार है तू मेरा सरकार है।
अन्तर-
मेरे प्रभु तेरा बजूद मन मैं जो भी संजोता ।
मेरे प्रभु तेरा बजूद मन मैं जो भी संजोता ।
मन निर्मल जीवन सफल !
वह मायूस कभी नहीं होता!
तेरा समा कभी न थमा रौनक भी बेसुमार है ।
तू मेरा सरकार है। तू मेर सरकार है। तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है।
अन्तर - ज्ञानामृत का लेकर जल मन दर्पण को धोले! आलाप
ज्ञानामृत का लेकर जल मन दर्पण को धोले!
जहालत क्या हालत है! मत गर्दिश में डोले..
ये बीते पल मन तू सम्हल ,जीवन नदिया की धार है। कान्हा तू मेरा पतवार है। तू मेरा सरकार है।
तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है।
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करके जतन जीत के मन रोहि ज्ञान के पट को खोलो!
करके जतन जीत के मन रोहि ज्ञान के पट को खोलो!
मन्दिर मस्जिद ना.. तीरथ प्रभु को दिल में टटोलो!
चलता चल , गिरके सम्हल थक जाना नहीं हार है। तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है।
तेरी बाते सौगाते जीवन का एक सार है
तू मेरा सरकार है। तू मेरा सरकार है।
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