मंगलवार, 8 सितंबर 2026

दो अन्तरा-

उद्घोषक: इस लोक फ्यूजन की बेहतरीन पेरोडी व गीत संगीत का निर्माण किया है - योगेश कुमार रोहि ने जनपद अलीगढ़ के गाँव आजाद पुर से  "

मुख्य गायक:
​(आलाप - ऊंचे और सूफी स्वर में)

हो....


धर्म की ध्वजा, और इस माटी का सम्मान,

युगों-युगों से गा रहे, यश जिनका वेद पुरान...


​(मुखड़ा)

मुख्य गायक (Lead Singer):


रखना दिलों में 'यादवों को', ये शौर्य की तासीर हैं,

रखना दिलों में 'यादव को', ये शौर्य की तासीर हैं!
आलाप...

कोरस (Humnawa):

(हाँ तासीर हैं, शौर्य की तासीर हैं!)

​मुख्य गायक:

शौर्य है इसकी धड़कनों में,रुकते नहीं ये अड़चनों में।

समुद्र  की मर्यादा  जैसे वह गम्भीर है।
भारत की धरा जन्मी ! ऐसी कौम अहीर है।

कोरस (तालियों के साथ):

भारत की धरा पर जन्मी,! ऐसी कौम अहीर है।

रखना दिलों में 'यादवों को ' ये वीर हैं गम्भीर हैं। ..

​(म्यूजिक ड्रॉप: कव्वाली की तालियों के साथ अचानक मॉडर्न ड्रम बीट्स और सिंथेसाइज़र का फ्यूजन)


​(अंतरा 1: संस्कृति और पौराणिक योगदान)

मुख्य गायक:

गौ-माता के रक्षक हैं ये, प्रकृति के रखवाले हैं। इनके ही घर जन्में भक्तों ! कन्हैया मुरली वाले हैं।

(कोरस: जो प्रकृति के रखवाले हैं , हाँ प्रकृति के रखवाले हैं)


बंसी की मधुरिम तानों से,जो अलख जगाने वाले हैं।

दूध-दही की नदियों से ही, सींचा देश का भाल,
धर्म-कर्म की राहों में इनके रुतवे बेमिसाल ।


​मुख्य गायक (तेज लय में - तराना स्टाइल):

अरण्य और वेदों में... (कोरस: वाह वाह !)

अरण्य और वेदों में, इनकी ही तस्वीर हैं!
भारत की धड़कनों में, धड़कतें 'आहीर' हैं!

कोरस:
(रखना दिलों में 'यादवों को ' रखना दिलों में यादवों को ..)
ये भारत की तकदीर हैं ।

​(संगीत एक सूफी ईडीएम (Sufi EDM) बीट के साथ फेड आउट (Fade out) होकर समाप्त होता है...)

स्पष्ट सही शब्दों या उच्चारण ध्यान में रखते हुए-
कब्बाली अन्दाज  में गढ़वाली व राजस्थानी लोग संगीत शैली में यह भक्ति गीत- ऑडियो जनरेट करें

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