उद्घोषक: इस लोक फ्यूजन की बेहतरीन पेरोडी व गीत संगीत का निर्माण किया है - योगेश कुमार रोहि ने जनपद अलीगढ़ के गाँव आजाद पुर से "
मुख्य गायक:
(आलाप - ऊंचे और सूफी स्वर में)
हो....
धर्म की ध्वजा, और इस माटी का सम्मान,
युगों-युगों से गा रहे, यश जिनका वेद पुरान...
(मुखड़ा)
मुख्य गायक (Lead Singer):
रखना दिलों में 'यादवों को', ये शौर्य की तासीर हैं,
रखना दिलों में 'यादव को', ये शौर्य की तासीर हैं!
आलाप...
कोरस (Humnawa):
(हाँ तासीर हैं, शौर्य की तासीर हैं!)
मुख्य गायक:
शौर्य है इसकी धड़कनों में,रुकते नहीं ये अड़चनों में।
समुद्र की मर्यादा जैसे वह गम्भीर है।
भारत की धरा जन्मी ! ऐसी कौम अहीर है।
कोरस (तालियों के साथ):
भारत की धरा पर जन्मी,! ऐसी कौम अहीर है।
रखना दिलों में 'यादवों को ' ये वीर हैं गम्भीर हैं। ..
(म्यूजिक ड्रॉप: कव्वाली की तालियों के साथ अचानक मॉडर्न ड्रम बीट्स और सिंथेसाइज़र का फ्यूजन)
(अंतरा 1: संस्कृति और पौराणिक योगदान)
मुख्य गायक:
गौ-माता के रक्षक हैं ये, प्रकृति के रखवाले हैं। इनके ही घर जन्में भक्तों ! कन्हैया मुरली वाले हैं।
(कोरस: जो प्रकृति के रखवाले हैं , हाँ प्रकृति के रखवाले हैं)
बंसी की मधुरिम तानों से,जो अलख जगाने वाले हैं।
दूध-दही की नदियों से ही, सींचा देश का भाल,
धर्म-कर्म की राहों में इनके रुतवे बेमिसाल ।
मुख्य गायक (तेज लय में - तराना स्टाइल):
अरण्य और वेदों में... (कोरस: वाह वाह !)
अरण्य और वेदों में, इनकी ही तस्वीर हैं!
भारत की धड़कनों में, धड़कतें 'आहीर' हैं!
कोरस:
(रखना दिलों में 'यादवों को ' रखना दिलों में यादवों को ..)
ये भारत की तकदीर हैं ।
(संगीत एक सूफी ईडीएम (Sufi EDM) बीट के साथ फेड आउट (Fade out) होकर समाप्त होता है...)
स्पष्ट सही शब्दों या उच्चारण ध्यान में रखते हुए-
कब्बाली अन्दाज में गढ़वाली व राजस्थानी लोग संगीत शैली में यह भक्ति गीत- ऑडियो जनरेट करें
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